Bihar Board Original Certificate 2025: बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर मूल प्रमाण पत्र 2025: पूरी जानकारी और अपडेट

Bihar Board Original Certificate 2025: बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर मूल प्रमाण पत्र 2025: पूरी जानकारी और अपडेट

बिहार बोर्ड से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। बोर्ड द्वारा जारी किया गया मूल प्रमाण पत्र अब स्कूलों में पहुंचना शुरू हो चुका है लेकिन इसके बावजूद बहुत से छात्रों के मन में कई सवाल बने हुए हैं क्या यह डॉक्यूमेंट सच में आ चुका है? किस साल के छात्रों को मिलेगा? और इसे लेने के लिए क्या करना होता है? कई जगहों से यह शिकायत भी आ रही है कि छात्र जब स्कूल जाकर पूछते हैं तो टीचर्स यह कहकर टाल देते हैं कि अभी डॉक्यूमेंट नहीं आया है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है क्योंकि यह मूल प्रमाण पत्र भविष्य में एडमिशन से लेकर नौकरी तक हर जगह बहुत काम आता है।

मूल प्रमाण पत्र केवल एक सर्टिफिकेट नहीं बल्कि छात्र की शैक्षणिक योग्यता का आधिकारिक प्रमाण होता है। यही डॉक्यूमेंट प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरते समय, डेट ऑफ बर्थ प्रूफ के रूप में, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान और सरकारी–निजी नौकरी के आवेदन में अनिवार्य रूप से मांगा जाता है। ऐसे में यदि यह सर्टिफिकेट समय पर नहीं लिया गया, तो आगे चलकर कई महत्वपूर्ण अवसर हाथ से निकल सकते हैं। खास बात यह है कि बिहार बोर्ड द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और सभी जिलों के डीओ ऑफिस में यह प्रमाण पत्र पहुंच चुका है। देरी केवल स्कूलों द्वारा इसे प्राप्त करके बांटने में हो रही है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि मूल प्रमाण पत्र किस साल के छात्रों के लिए उपलब्ध है यह कहां से मिलेगा, क्यों जरूरी है, और यदि स्कूल इसे देने से मना करे तो आपको क्या करना चाहिए।

Bihar Board Original Certificate 2025 मूल प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?

मूल प्रमाण पत्र किसी भी छात्र के शैक्षणिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ माना जाता है, क्योंकि यही प्रमाण पत्र यह साबित करता है कि छात्र ने वास्तव में मैट्रिक या इंटर की परीक्षा पास की है। इसे पासिंग सर्टिफिकेट भी कहा जाता है और यही आगे की पढ़ाई, एडमिशन और नौकरियों में सबसे पहले मांगा जाता है। जब भी कोई छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवेदन करता है, सरकारी या निजी नौकरी का फॉर्म भरता है, तो उसमें शैक्षणिक प्रमाण के रूप में मूल प्रमाण पत्र अपलोड करना जरूरी होता है। इसके अलावा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय सभी उम्मीदवारों को अपने मूल प्रमाण पत्र को ओरिजिनल रूप में दिखाना पड़ता है, ताकि उनकी योग्यता की पुष्टि की जा सके।

कई भर्ती प्रक्रियाओं में तो जन्मतिथि (Date of Birth) प्रमाण के रूप में भी मैट्रिक का मूल प्रमाण पत्र ही मांगा जाता है। यदि किसी छात्र के पास यह डॉक्यूमेंट नहीं होता, तो वह कई महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित रह सकता है। यही कारण है कि इस दस्तावेज़ को स्कूल में छोड़ देना या इसे समय पर प्राप्त न करना भविष्य में परेशानी पैदा कर सकता है। बहुत से छात्र वर्षों बाद अपनी शिक्षा से संबंधित प्रमाण पत्र लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन तब तक समस्या बढ़ जाती है। इसलिए आवश्यक है कि छात्र जल्द से जल्द अपने मूल प्रमाण पत्र को स्कूल से प्राप्त कर सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए।

Bihar Board Original Certificate 2025 कौन-कौन से छात्रों का प्रमाण पत्र आया है?

बिहार बोर्ड द्वारा जारी ताज़ा अपडेट के अनुसार मैट्रिक और इंटर दोनों कक्षाओं के मूल प्रमाण पत्र जिलों में पहुंच चुके हैं। सबसे पहले बात करें मैट्रिक की, तो 2025 में बिहार बोर्ड से मैट्रिक परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों का मूल प्रमाण पत्र उनके स्कूलों में भेज दिया गया है। वर्तमान में ये छात्र 11वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं और 2027 में इंटर की परीक्षा देंगे। इन छात्रों का मूल प्रमाण पत्र उसी स्कूल में उपलब्ध है, जहां से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। यदि किसी छात्र ने मैट्रिक और 11वीं दोनों एक ही स्कूल से की है, तो उसे उसी स्कूल से यह सर्टिफिकेट प्राप्त होगा।

इंटर की बात करें तो इंटर 2025 के छात्रों का मूल प्रमाण पत्र भी डीओ ऑफिस में पहुंच चुका है। बोर्ड ने 13 नवंबर को आधिकारिक तौर पर नोटिफिकेशन जारी किया था कि सभी जिलों में इंटर के प्रमाण पत्र पहुंच गए हैं। अब देरी केवल स्कूलों द्वारा डीओ ऑफिस से जाकर इन्हें लाने में हो रही है। कई स्कूल अभी तक डीओ ऑफिस से प्रमाण पत्र नहीं लाए हैं, जिसके कारण छात्रों को यह कहा जा रहा है कि “अभी नहीं आया है”।

इसलिए स्पष्ट है कि 2025 मैट्रिक पास छात्रों और 2025 इंटर वाले बैच दोनों का मूल प्रमाण पत्र उपलब्ध है और छात्र इसे अपने स्कूल से प्राप्त कर सकते हैं।

Bihar Board Original Certificate 2025 मैट्रिक मूल प्रमाण पत्र कैसा होता है?

मैट्रिक का मूल प्रमाण पत्र बिहार बोर्ड द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है, जो यह प्रमाणित करता है कि छात्र ने 10वीं की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है। यह प्रमाण पत्र बिल्कुल अलग डिजाइन और सुरक्षित प्रिंटिंग तकनीक के साथ तैयार किया जाता है, ताकि इसकी नकल करना या इसे कोई गलत रूप देना संभव न हो। इसके सबसे ऊपर एक यूनिक नंबर और क्रम संख्या (Serial Number) दी होती है, जो हर छात्र का अलग होता है। इसके बाद छात्र का नाम, बीएसबी यूनिक आईडी, रोल कोड, रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप से उल्लेखित रहते हैं।

प्रमाण पत्र में छात्र की फोटो भी प्रिंट की होती है, जिससे पहचान आसानी से हो सके। इसमें माता-पिता का नाम, जन्म तिथि (Date of Birth), राष्ट्रीयता, स्कूल का नाम और किस डिवीजन से छात्र पास हुआ है, यह सभी जानकारी दर्ज होती है। साथ ही, छात्र द्वारा चुने गए विषय और उनमें प्राप्त अंकों की जानकारी भी इस प्रमाण पत्र में रहती है। इसके ऊपर “माध्यमिक विद्यालय परीक्षा – सेकेंडरी स्कूल एग्जामिनेशन” लिखा होता है, जो इसे और अधिक आधिकारिक बनाता है।

सुरक्षा के लिए इसमें वाटरमार्क, माइक्रो टेक्स्ट और विशेष बोर्ड सील लगाई जाती है। कुल मिलाकर, यह प्रमाण पत्र छात्र के 10वीं पास होने का सबसे मजबूत और मान्य प्रमाण है, जिसे हर जगह स्वीकार किया जाता है।

Bihar Board Original Certificate 2025 प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा?

मूल प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए छात्रों को उस स्कूल में जाना होगा, जहां से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर दोनों के प्रमाण पत्र पहले जिला शिक्षा कार्यालय (D.E.O. Office) में भेजता है। वहां से इन्हें स्कूलों को लेना होता है। इसलिए मैट्रिक या इंटर का प्रमाण पत्र आपको सीधे बोर्ड से नहीं, बल्कि अपने स्कूल से ही मिलेगा। यदि किसी छात्र ने 10वीं पास करने के बाद उसी स्कूल में 11वीं कक्षा में एडमिशन लिया है, तो उसे भी प्रमाण पत्र उसी स्कूल से मिलेगा।

अक्सर छात्र यह समझ लेते हैं कि यदि वे 11वीं किसी दूसरे स्कूल या कॉलेज में कर रहे हैं, तो प्रमाण पत्र उन्हें नए संस्थान से मिलेगा, जबकि ऐसा नहीं है। जिस स्कूल से मैट्रिक पास किया है, प्रमाण पत्र केवल वही स्कूल देगा, क्योंकि बोर्ड उसी स्कूल को प्रमाण पत्र भेजता है जहाँ छात्र पहले पंजीकृत था।

कई बार स्कूल के शिक्षक या कर्मचारी यह कहकर टाल देते हैं कि प्रमाण पत्र अभी नहीं आया है, जबकि असल में वह डीओ ऑफिस में पहुंच चुका होता है और स्कूल उसे लेने नहीं गए होते। ऐसे में छात्र बोर्ड का नोटिफिकेशन दिखाकर स्कूल से प्रमाण पत्र लाने और बांटने की अपील कर सकते हैं।

इसलिए, प्रमाण पत्र लेने के लिए हमेशा अपने मैट्रिक वाले स्कूल जाएं, आवश्यक दस्तावेज़ साथ रखें, और अपना मूल प्रमाण पत्र प्राप्त कर सुरक्षित रखें।

Bihar Board Original Certificate 2025 प्रमाण पत्र की जरूरत कब पड़ती है?

मूल प्रमाण पत्र किसी भी छात्र के शैक्षणिक जीवन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इसकी जरूरत आगे चलकर लगभग हर सरकारी और निजी प्रक्रिया में पड़ती है। सबसे पहले, जब छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी नौकरी के लिए फॉर्म भरते हैं, तो शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण के रूप में मैट्रिक या इंटर का मूल प्रमाण पत्र मांगा जाता है। फॉर्म भरते समय इसका स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य होता है। इसके बाद जब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) होता है, तो उम्मीदवार को मूल प्रमाण पत्र अपने साथ ले जाना पड़ता है, ताकि अधिकारी छात्र की योग्यता को सीधे प्रमाणित कर सकें।

कई भर्ती प्रक्रियाओं में तो जन्मतिथि (Date of Birth) के प्रमाण के रूप में भी मैट्रिक का मूल प्रमाण पत्र ही स्वीकार किया जाता है। यदि छात्र के दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी हो या जन्मतिथि साबित करनी हो, तो यह प्रमाण पत्र सबसे अधिक मान्य होता है। इसके अलावा आगे की पढ़ाई, कॉलेज एडमिशन, छात्रवृत्ति (Scholarship) आवेदन, पासपोर्ट बनवाने जैसी प्रक्रियाओं में भी यह दस्तावेज़ बेहद जरूरी होता है।

यदि छात्र के पास समय पर प्रमाण पत्र न हो तो भविष्य में कई महत्वपूर्ण अवसर छूट सकते हैं। इसलिए इसे स्कूल से प्राप्त कर सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।

Bihar Board Original Certificate 2025 प्रमाण पत्र लेने के लिए क्या साथ ले जाएं?

Bihar Board Original Certificate 2025 प्रमाण पत्र लेने के लिए क्या साथ ले जाएं?

मूल प्रमाण पत्र लेने के लिए छात्रों को स्कूल जाते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर जाने चाहिए ताकि पहचान और सत्यापन में कोई समस्या न आए। जब छात्र मैट्रिक का मूल प्रमाण पत्र लेने जाते हैं, तो उनके पास मैट्रिक से संबंधित कोई एक वैध डॉक्यूमेंट होना जरूरी है। इसमें मैट्रिक का एडमिट कार्ड, मार्कशीट या रजिस्ट्रेशन कार्ड शामिल हो सकता है। यह दस्तावेज़ यह साबित करता है कि आप उसी स्कूल से जुड़े छात्र हैं और आपका प्रमाण पत्र वहीं मौजूद है।

इंटर का मूल प्रमाण पत्र लेने के लिए छात्रों को इंटर के डॉक्यूमेंट जैसे इंटर का एडमिट कार्ड, मार्कशीट या रजिस्ट्रेशन कार्ड साथ रखना चाहिए। अधिकतर स्कूल बिना पहचान सत्यापन के प्रमाण पत्र नहीं देते ताकि किसी गलत व्यक्ति को डॉक्यूमेंट न मिल जाए। इसलिए अपनी पहचान और परीक्षा से संबंधित किसी एक आधिकारिक दस्तावेज को साथ रखना अनिवार्य है।

इसके अलावा छात्रों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि प्रमाण पत्र लेने के लिए स्वयं ही जाएं। स्कूल या कॉलेज अक्सर किसी तीसरे व्यक्ति को यह डॉक्यूमेंट देने से मना कर देते हैं चाहे वह रिश्तेदार ही क्यों न हो। इसका कारण यह है कि मूल प्रमाण पत्र एक बहुत महत्वपूर्ण और संवेदनशील दस्तावेज होता है। इसलिए स्कूल जाते समय सही डॉक्यूमेंट साथ रखें और स्वयं जाकर अपना प्रमाण पत्र प्राप्त करें।

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निष्कर्ष

बिहार बोर्ड द्वारा मैट्रिक और इंटर दोनों कक्षाओं के मूल प्रमाण पत्र जिलों में भेज दिए गए हैं और यह छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर है कि वे समय रहते अपना डॉक्यूमेंट प्राप्त कर लें। यह प्रमाण पत्र आगे की पढ़ाई, कॉलेज एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं, विभिन्न नौकरियों के आवेदन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ माना जाता है। इसलिए इसे स्कूल में छोड़ देना या देर से लेना भविष्य में कई परेशानियाँ पैदा कर सकता है।

अक्सर स्कूलों में देरी इसलिए होती है क्योंकि वे डीओ ऑफिस से प्रमाण पत्र समय पर नहीं लाते। ऐसे में छात्रों को चाहिए कि वे बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन को स्कूल में दिखाएं और प्रशासन से डॉक्यूमेंट लाने का अनुरोध करें। मूल प्रमाण पत्र आपको केवल उसी स्कूल से मिलेगा जहाँ से आपने मैट्रिक या इंटर की परीक्षा पास की है।

अंत में, यह जरूरी है कि छात्र अपना मूल प्रमाण पत्र सुरक्षित रखें और इसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज न करें। एक बार यह डॉक्यूमेंट आपके पास आ जाए तो भविष्य की किसी भी प्रक्रिया में आपको आत्मविश्वास और सुविधा दोनों मिलेंगे। अपने प्रमाण पत्र को समय पर प्राप्त करें और सुरक्षित रखें यही सबसे समझदारी भरा कदम है।

FAQ – मैट्रिक और इंटर मूल प्रमाण पत्र से जुड़े सामान्य प्रश्न

1. मैट्रिक और इंटर का मूल प्रमाण पत्र क्या होता है?

मैट्रिक और इंटर का मूल प्रमाण पत्र बिहार बोर्ड द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि छात्र ने संबंधित कक्षा की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है। इसे पासिंग सर्टिफिकेट भी कहा जाता है और यह आगे की पढ़ाई, नौकरी, कंपटीशन एग्जाम और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में सबसे ज्यादा काम आता है।

2. मूल प्रमाण पत्र किस वर्ष के छात्रों के लिए उपलब्ध है?

बिहार बोर्ड ने वर्ष 2025 में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा देने वाले छात्रों के मूल प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं। 2025 में मैट्रिक पास छात्र वर्तमान में 11वीं में हैं और उनका प्रमाण पत्र उनके मैट्रिक वाले स्कूल में पहुंच चुका है। वहीं 2025 इंटर बैच के छात्रों का प्रमाण पत्र डीओ ऑफिस में पहुंच चुका है और स्कूलों को इसे लाने का निर्देश दिया गया है।

3. मुझे अपना मूल प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा?

आपको आपका प्रमाण पत्र उसी स्कूल से मिलेगा जहां से आपने मैट्रिक या इंटर पास किया था। बिहार बोर्ड सीधे छात्रों को प्रमाण पत्र नहीं देता, बल्कि इसे जिले के डीओ ऑफिस भेजता है फिर वहां से स्कूल इसे प्राप्त करते हैं। इसलिए चाहे आपने 11वीं किसी अन्य स्कूल में ली हो, आपका मैट्रिक मूल प्रमाण पत्र आपको केवल मैट्रिक वाले स्कूल से ही मिलेगा।

4. यदि स्कूल कहे कि प्रमाण पत्र नहीं आया है जबकि बोर्ड ने भेज दिया है तो क्या करें?

ऐसे में आप बोर्ड का आधिकारिक नोटिफिकेशन डाउनलोड करें और स्कूल प्रशासन को दिखाएं। अधिकतर मामलों में प्रमाण पत्र डीओ ऑफिस में पहुँच चुका होता है, लेकिन स्कूल समय पर उसे लेने नहीं जाते। नोटिफिकेशन दिखाने के बाद स्कूल प्रशासन आमतौर पर डीओ ऑफिस जाकर डॉक्यूमेंट ले आता है।

5. प्रमाण पत्र लेने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज साथ ले जाएं?

मूल प्रमाण पत्र लेने के लिए संबंधित परीक्षा के दस्तावेज साथ ले जाना जरूरी है।

  • मैट्रिक प्रमाण पत्र लेने के लिए: मैट्रिक एडमिट कार्ड / मार्कशीट / रजिस्ट्रेशन कार्ड
  • इंटर प्रमाण पत्र लेने के लिए: इंटर एडमिट कार्ड / मार्कशीट / रजिस्ट्रेशन कार्ड
    पहचान सत्यापन के लिए ये दस्तावेज आवश्यक होते हैं।

6. क्या किसी और को भेजकर प्रमाण पत्र लिया जा सकता है?

अक्सर स्कूल किसी तीसरे व्यक्ति को मूल प्रमाण पत्र नहीं देते, क्योंकि यह एक बहुत महत्वपूर्ण और संवेदनशील दस्तावेज है। अतः बेहतर होगा कि छात्र स्वयं जाकर ही अपना प्रमाण पत्र प्राप्त करें।

7. प्रमाण पत्र की जरूरत कब पड़ती है?

मूल प्रमाण पत्र कई जगहों पर जरूरी होता है:

  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरते समय
  • सरकारी/निजी नौकरी के आवेदन में
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) में
  • जन्मतिथि (Date of Birth) के प्रमाण के रूप में
  • कॉलेज एडमिशन एवं छात्रवृत्ति आवेदन में
  • पासपोर्ट बनवाते समय
    बिना मूल प्रमाण पत्र के कई प्रक्रियाएँ पूरी नहीं की जा सकतीं।
8. क्या अगर मैं प्रमाण पत्र अभी नहीं लूं, तो बाद में मिल जाएगा?

हाँ, आपका प्रमाण पत्र स्कूल में सुरक्षित रखा जाता है। आप इसे 2 साल बाद, 10 साल बाद, यहाँ तक कि 20 साल बाद भी ले सकते हैं लेकिन एक शर्त पर: स्कूल बंद नहीं होना चाहिए। इसलिए बेहतर है कि जितना जल्दी हो सके, प्रमाण पत्र प्राप्त कर सुरक्षित रख लें।

9. क्या प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?

बिहार बोर्ड मूल प्रमाण पत्र के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं मांगता। यदि कोई स्कूल अनावश्यक पैसा मांगता है, तो यह गलत है। आप इसकी शिकायत संबंधित शिक्षा अधिकारी को कर सकते हैं।

10. प्रमाण पत्र खो जाए तो क्या करें?

यदि मूल प्रमाण पत्र खो जाए तो आप बोर्ड से डुप्लीकेट प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क होता है। हालांकि यह प्रक्रिया समय लेने वाली हो सकती है, इसलिए हमेशा प्रमाण पत्र को सुरक्षित रखना ही बेहतर है।

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