Bihar Dhan Adhiprapti 2025-26 Online Apply बिहार पैक्स में धान बेचने की पूरी प्रक्रिया: ऑनलाइन आवेदन से भुगतान तक पूरी जानकारी

Bihar Dhan Adhiprapti 2025-26

Bihar Dhan Adhiprapti 2025-26 Online Apply:- पैक्स के माध्यम से धान बेचने का नया सिस्टम आज किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय बन गया है। सरकार द्वारा हर वर्ष खरीफ सीजन में धान खरीद प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसका उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य, पारदर्शी व्यवस्था और बिना बिचौलियों के सीधे भुगतान उपलब्ध कराना है। इसी प्रक्रिया को सरल, सुविधाजनक और पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए पैक्स (Primary Agriculture Credit Society) को मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां किसान अपने धान को सरकारी तय मूल्य पर बेच सकते हैं।

कई किसान अभी भी इस नई ऑनलाइन प्रणाली, आवश्यक दस्तावेज, किसान पंजीकरण, जमीन विवरण अपडेट, और DBT के माध्यम से भुगतान जैसी प्रक्रियाओं को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं होते। इस कारण उन्हें धान बेचने में कठिनाइयाँ आती हैं। इसलिए यह लेख इस पूरे सिस्टम को किसान भाइयों की भाषा में आसान शब्दों में समझाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

यहां आप जानेंगे कि धान बेचने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, ऑनलाइन आवेदन कैसे किया जाता है, पैक्स या व्यापार मंडल में से किसे चुनना बेहतर है, जमीन विवरण कैसे जोड़ा जाता है, नॉमिनी जानकारी क्यों जरूरी है, और आवेदन करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही यह भी समझेंगे कि रयत और गैर-रयत किसानों की बिक्री सीमा क्या है और फाइनल सबमिट करने के बाद क्या बदलाव संभव है।

Bihar Dhan Adhiprapti 2025-26 : Overviews 

लेख का नामBihar Dhan Adhiprapti 2025-26 Online Appl बिहार पैक्स में धान बेचने की पूरी प्रक्रिया: ऑनलाइन आवेदन से भुगतान तक पूरी जानकारी
लेख का प्रकार Sarkari Yojana
आवेदन शुरू होने की तिथि01 नवंबर 2025
आवेदन करने की अंतिम तिथि28 फरवरी 2026
उत्तर बिहार धान अधिप्राप्ति की तिथि01 नवंबर 2025 से लेकर 28 फरवरी 2026 तक
दक्षिण बिहार धान अधिप्राप्ति की तिथि15 नवंबर 2025 से लेकर 28 फरवरी 2026 तक
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट https://esahkari.bihar.gov.in/

बिहार पैक्स क्या है?

पैक्स, जिसका पूरा नाम प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (Primary Agriculture Credit Society) है, ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई गई एक प्राथमिक कृषि सहकारी संस्था होती है। यह संस्था सीधे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्य करती है। पैक्स का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरल तरीके से उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें उचित सुविधा, सही मूल्य और पारदर्शी प्रणाली मिल सके।

धान खरीद के संदर्भ में पैक्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सरकार हर साल खरीफ सीजन में धान खरीद की घोषणा करती है और सीधे किसानों से उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदने के लिए पैक्स को अधिकृत करती है। इससे किसान किसी बिचौलिए या दलाल के चक्कर में नहीं पड़ते और उन्हें उनका पूरा मूल्य सीधे बैंक खाते में प्राप्त होता है।

पैक्स के माध्यम से किसान न सिर्फ धान बेच सकते हैं, बल्कि खाद, बीज, कीटनाशक, ऋण, और कृषि संबंधी अन्य सुविधाएं भी प्राप्त कर सकते हैं। हर पंचायत में कम से कम एक पैक्स केंद्र होता है, जहां किसान अपने दस्तावेजों के साथ जाकर सहायता ले सकते हैं। सरकार पैक्स को एक विश्वसनीय प्रणाली मानती है क्योंकि यह स्थानीय स्तर पर संचालित होती है और किसानों के बीच विश्वास का वातावरण बनाती है। इसलिए पैक्स ग्रामीण कृषि व्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है।

Documents for Bihar Dhan Adhiprapti 2025-26 धान बेचने के लिए आवश्यक दस्तावेज

धान को सरकारी दर पर पैक्स या व्यापार मंडल के माध्यम से बेचने के लिए किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने होते हैं। ये दस्तावेज न केवल आपकी पहचान प्रमाणित करते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि भुगतान सीधे और सुरक्षित रूप से आपके बैंक खाते में पहुंचे। सबसे पहले, किसान के पास किसान पंजीकरण संख्या (Farmer Registration Number) होना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के कोई भी किसान धान अधिप्राप्ति के लिए आवेदन नहीं कर सकता।

इसके बाद आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है, क्योंकि इसी से किसान की पहचान और बैंक खाते की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होती है। साथ ही किसान का मोबाइल नंबर पंजीकरण से जुड़ा होना चाहिए, जिस पर OTP आता है, जो ऑनलाइन आवेदन पूरा करने के लिए आवश्यक है।

धान बेचने के लिए किसान को अपनी जमीन का विवरण भी देना होता है जैसे भाग संख्या, जमाबंदी संख्या, खाता संख्या और खेसरा संख्या। यह विवरण साबित करता है कि किसान के पास कितनी जमीन है और वह धान बेचने का पात्र है।

इसके अलावा, बैंक खाता संख्या, IFSC कोड, और खाता आधार से लिंक होना जरूरी है, ताकि MSP की राशि सीधे DBT के माध्यम से किसान के खाते में भेजी जा सके। कुछ स्थितियों में किसान को एक नॉमिनी का आधार और पहचान विवरण भी देना पड़ता है।ये सभी दस्तावेज मिलकर धान खरीद प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाते हैं।

बिहार सरकार द्वारा निर्धारित धान का मूल्य क्या है?

बिहार सरकार हर साल खरीफ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करती है, ताकि किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य मिल सके। वर्ष 2025–26 के लिए सरकार ने धान खरीद का मूल्य ₹2,369 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह दर पूरे राज्य में समान रूप से लागू होती है और किसान अपना धान पैक्स या व्यापार मंडल के माध्यम से इस निर्धारित मूल्य पर बेच सकते हैं।

सरकार द्वारा तय किया गया यह मूल्य किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाता है, क्योंकि कई बार खुले बाजार में धान का मूल्य MSP से कम हो जाता है। ऐसे में पैक्स के माध्यम से बिक्री करने पर किसान को पूरी राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त होती है। इस मूल्य निर्धारण का उद्देश्य किसानों को प्रोत्साहन देना, उनकी आय बढ़ाना और कृषि उत्पादन को स्थिरता प्रदान करना है। इसलिए हर किसान को सलाह दी जाती है कि वह सरकारी दर पर धान बेचने की प्रक्रिया को अपनाए और अपने लाभ को सुनिश्चित करे।

1साधारण धान ₹2,369/- प्रति क्वींटल 
2धान (ग्रेड – ‘ए’)₹2,389/- प्रति क्वींटल

How To Online Apply Bihar Dhan Adhiprapti 2025-26 ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

धान को पैक्स या व्यापार मंडल के माध्यम से सरकारी दर पर बेचने के लिए बिहार सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, ताकि किसान अपने घर से ही आवेदन कर सकें और उन्हें किसी दफ्तर या केंद्र के चक्कर न लगाने पड़ें। ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी, आसान और सुरक्षित बनाना है। इसलिए किसान भाइयों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि आवेदन किस तरह शुरू किया जाए और चरण-दर-चरण इसे कैसे पूरा किया जाए।

How To Online Apply Bihar Dhan Adhiprapti 2025-26 ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू

सबसे पहले किसान को DBT Agriculture Bihar की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यह वेबसाइट बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित है और पूरी कृषि-संबंधी ऑनलाइन सेवाएँ इसी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। किसान चाहे तो DBT Agriculture Bihar गूगल में टाइप करके सीधे वेबसाइट खोल सकते हैं, या फिर e-Sahakarita Bihar पोर्टल के माध्यम से भी धान अधिप्राप्ति से संबंधित सेवाओं तक पहुँच सकते हैं। दोनों वेबसाइटें सरकार द्वारा प्रमाणित हैं और किसी भी एक का उपयोग करके किसान अपना आवेदन शुरू कर सकते हैं।

वेबसाइट खुलने के बाद किसान को होमपेज पर ऑनलाइन सुविधाएँ (Online Services) अनुभाग में जाना होता है। यहाँ कई विकल्प दिखाई देंगे, जैसे किसान पंजीकरण, इनपुट सब्सिडी, फसल सहायता योजना और धान अधिप्राप्ति आवेदन। धान बेचने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसान को धान अधिप्राप्ति आवेदन 2025–26 वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा। यह विकल्प केवल खरीफ सीजन में सक्रिय रहता है और सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद ही उपलब्ध होता है।

अब किसान को अपना किसान पंजीकरण संख्या (Registration Number) दर्ज करनी होती है। यह संख्या 221 से शुरू होने वाला 11 अंकों का एक कोड होता है। बिना इस पंजीकरण संख्या के किसान आवेदन नहीं कर सकते। यदि किसी किसान ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो वह इसी पोर्टल के माध्यम से घर बैठे कुछ ही मिनटों में पंजीकरण पूरा कर सकता है। पंजीकरण के समय मोबाइल नंबर और आधार कार्ड अनिवार्य होते हैं, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से OTP सत्यापन किया जाता है।

किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करने के बाद स्क्रीन पर किसान के नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर आदि विवरण स्वतः दिखाई देंगे। किसान को इन विवरणों को ध्यान से जांचना चाहिए। यदि सब कुछ सही हो तो अगला चरण भूमि विवरण (Land Details) जोड़ने का होता है। इसके लिए किसान को अपनी जमीन की भाग संख्या, जमाबंदी संख्या, खेसरा संख्या आदि जानकारी दर्ज करनी पड़ती है। यह जानकारी भूमि रसीद या Bihar Bhumi वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

भूमि विवरण जोड़ने के बाद सिस्टम स्वतः यह तय करता है कि किसान अधिकतम कितने क्विंटल धान बेच सकता है। रयत किसान 250 क्विंटल तक और गैर-रयत किसान 100 क्विंटल तक धान बेच सकते हैं। किसान को अनुमानित संभावित उत्पादन (जैसे 10, 20 या 30 क्विंटल) भी भरना होता है।

अगला चरण बैंक विवरण की पुष्टि का है। बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है, क्योंकि भुगतान सीधे DBT के माध्यम से किया जाता है। इसके बाद किसान को एक नॉमिनी का नाम, आधार और संबंध भरना होता है, ताकि किसी आपात स्थिति में भुगतान सुरक्षित रूप से किया जा सके।

सभी सूचनाएँ भरने के बाद किसान को घोषणा पत्र (Declaration) स्वीकार करना होता है और सबमिट पर क्लिक करना होता है। सबमिट होने के बाद एक रसीद (Receipt) प्राप्त होती है, जिसे किसान सुरक्षित रखे। यही रसीद आगे धान उठाव के समय पैक्स में काम आएगी।

इस प्रकार यह ऑनलाइन प्रक्रिया किसानों को बिना किसी परेशानी के अपना आवेदन पूरा करने में मदद करती है और सरकारी खरीद प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाती है।

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Online Apply Official Website 
Apna Job Tak.comOfficial Notification

निष्कर्ष

अंत में, यह पूरी प्रक्रिया किसानों को धान बेचने में सरलता, पारदर्शिता और सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है। पैक्स के माध्यम से सरकारी दर पर धान बेचने की व्यवस्था किसानों के हित में है, क्योंकि इससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी मिलती है और राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। ऑनलाइन आवेदन प्रणाली ने इस प्रक्रिया को और भी आसान बना दिया है, जिससे किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे पूरी जानकारी भर सकते हैं, जमीन का विवरण जोड़ सकते हैं और आवेदन की रसीद भी प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों को बस इतना ध्यान रखना है कि सभी दस्तावेज सही हों, बैंक खाता आधार से लिंक हो, और आवेदन सबमिट करने से पहले दर्ज की गई जानकारी को अच्छी तरह जाँच लें। इस प्रक्रिया को अपनाकर किसान किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं और सरकारी योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं।

आशा है कि यह लेख धान बेचने की नई प्रणाली और ऑनलाइन प्रक्रिया को समझने में आपके लिए उपयोगी सिद्ध हुआ होगा। सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें तकनीक से जोड़कर उनके काम को आसान बनाना है। सही जानकारी और समय पर आवेदन करके किसान अपने मेहनत के धान का सही मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. पैक्स क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

पैक्स (PACS) का पूरा नाम प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी है। यह गांव स्तर पर बनाया गया एक केंद्र है जहाँ सरकार किसानों से धान सरकारी दर पर खरीदती है। पैक्स किसानों को सही मूल्य देने, भुगतान को सुरक्षित तरीके से बैंक खाते में भेजने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का काम करता है।

2. धान बेचने के लिए किसान को कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

धान बेचने के लिए किसान को किसान पंजीकरण संख्या, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता (आधार से लिंक), जमीन का विवरण (भाग संख्या, जमाबंदी संख्या, खेसरा संख्या), और नॉमिनी जानकारी की आवश्यकता होती है। ये दस्तावेज आवेदन प्रक्रिया को सुचारु करने में मदद करते हैं।

3. बिहार सरकार द्वारा निर्धारित धान का मूल्य क्या है?

वर्ष 2025–26 के लिए बिहार सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹369 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसान पैक्स या व्यापार मंडल के माध्यम से अपना धान इस दर पर बेच सकते हैं।

4. क्या धान बेचने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है?

हाँ। बिहार सरकार ने धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। किसान DBT Agriculture Bihar या e-Sahakarita पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद किसान को एक रसीद प्राप्त होती है, जिसे पैक्स केंद्र पर धान जमा करते समय दिखाना होता है।

5. धान बेचने के लिए कितनी जमीन की जानकारी देनी होती है?

किसान को अपनी जमीन की भाग संख्या, जमाबंदी संख्या, खाता संख्या और खेसरा संख्या दर्ज करनी होती है। इसके आधार पर सिस्टम यह तय करता है कि किसान अधिकतम कितने क्विंटल धान बेच सकता है।

6. रयत और गैर-रयत किसान कितने क्विंटल धान बेच सकते हैं?

रयत किसान अधिकतम 250 क्विंटल तक धान बेच सकते हैं, जबकि गैर-रयत किसान 100 क्विंटल तक ही बेच सकते हैं। यह सीमा सरकार द्वारा निर्धारित है।

7. आवेदन सबमिट करने के बाद क्या कोई सुधार किया जा सकता है?

नहीं। एक बार आवेदन फाइनल सबमिट होने के बाद उसमें कोई भी बदलाव संभव नहीं है। इसलिए किसान को सलाह दी जाती है कि सबमिट करने से पहले सभी विवरणों को अच्छी तरह जांच लें।

8. धान का भुगतान कैसे मिलता है?

किसान द्वारा धान जमा करने और सत्यापन पूरा होने के बाद भुगतान सीधे DBT के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेज दिया जाता है। बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है।

9. अगर किसान के पास पंजीकरण नंबर नहीं है तो क्या वह आवेदन कर सकता है?

नहीं। किसान पंजीकरण संख्या अनिवार्य है। यदि पंजीकरण नहीं है, तो किसान DBT Agriculture पोर्टल पर पहले पंजीकरण करे और फिर धान अधिप्राप्ति आवेदन भरे।

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